एनर्जी कैफ़े,पटना -एक अनूठा प्रयोग

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पटना : Energy Cafe, यह नाम सुनकर आप कुछ देर के लिए स्पेशल जरूर सोचने लगते होंगे. आपके अंदर इसके बारे में जानने की उत्सुकता भी होती होगी. हो भी क्यों न, आखिर Energy Cafe है ही स्पेशल. चलिए हम इसके बारे में आपको बताते हैं. Energy Cafe बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग के पटना ऑफिस द्वारा शुरू की गयी खास पहल है. इस कैफे में आपको फूड की कई वैराइटीज बड़े ही खास अंदाज और माहौल में परोसी जाएंगी. खास अंदाज और माहौल इसलिए, क्योंकि Energy Cafe का इंटीरियर एक नए कांसेप्ट के साथ डिजाइन किया गया है.
इसलिए ख़ास है Energy Cafe
पटना के बेली रोड स्थित बिजली विभाग के ऑफिस में Energy Cafe कैंटीन की शुरुआत की गयी है. यह कैंटीन इसलिए खास है, क्योंकि कैंटीन को एक नए इंटीरियर कांसेप्ट के साथ शुरू किया गया. यहां जो भी फर्नीचर लगाये गए हैं, वो रिसाइक्लिंग का संदेश देते नजर आते हैं. और खास कि सारे फर्नीचर बिजली विभाग के पुराने और खराब हो चुके सामान से बनाये गये हैं. इस बारे में स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी के चीफ इंजीनियर सरोज कुमार सिन्हा बताते हैं कि पटना में अपने आप में Energy Cafe एक खास तरह की कैंटीन है, जहां फूड भी खास होगा और यहां का माहौल भी अलग होगा.
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पुरानी कार से सोफा और ड्रम से बनायी गयी कुर्सी
सरोज बताते हैं कि Energy Cafe में पुराने ड्रम को काट कर बैठने के लिए कुर्सी बनायी गयी है. पुरानी और ओल्ड मॉडल कार से सोफा तैयार कर दिया है. पुराने और खराब हो चुके बोर्ड और शीट्स से टेबुल और कुर्सी बनाये गये हैं. पेसू के अन्य पुराने और खराब हो चुके सामान से यहां की वाल पर डिजाइनर शोपीस भी लगाये गए हैं. सिन्हा कहते हैं कि इस कैफे की योजना स्टेट पॉवर होल्डिंग कंपनी के सीएमडी और अन्य वरीय अधिकारियों ने बनायी है. हम सबने अब आखिरकार अपनी योजना को मूर्त रूप दे ही दिया है. Energy Cafe शुरू करने के पीछे का संदेश यह है कि हम किस तरह पुराने सामान से खास चीजें तैयार कर अपने इस्तेमाल में ला सकते हैं. वहीं यहां का फूड पटना के अन्य जगहों से काफी अलग होगा.
Healthy Food को दी गयी है प्राथमिकता
चीफ इंजीनियर ने लाइव सिटीज से खास बातचीत में बताया कि Energy Cafe में फूड की वैराइटीज भी अलग होंगी और यहां हेल्थ को ध्यान में रख कर ही कुछ परोसा जाएगा. हर दिन का मेनू अलग होगा. यहां नॉर्थ, साउथ और बिहार के स्पेशल डिसेज की वैराइटीज उपलब्ध रहेंगी. यह बिहार का पहला ऐसा कैफ़े होगा, जहां फ्रेश फ्रूट जूस लोगों को सर्व किया जाएगा. हमारे कुक भी पटना के खास कुक होंगे, जिन्हें स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गयी है. इस कैंटीन में समोसा जैसे आॅयली फूड नहीं मिलेगा.
2 फरवरी से उठा सकते हैं यहां खाने का लुत्फ
Energy Cafe का उद्घाटन वैसे तो बिहार के उर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा 25 जनवरी को ही कर दिया गया है, लेकिन लोगों को यहां खाने का लुत्फ 2 फरवरी से उठाने का मौका मिलेगा. यह कैंटीन बिजली विभाग के लोगों के अलावा बाहरी लोगों के लिए भी खुला रहेगा. फिलहाल Energy Cafe का एक पार्ट ही शुरू किया जा रहा है, उपर एक्सटेंशन पार्ट का अभी निर्माण कार्य चल रहा है. ग्राउंड फ्लोर वाले पार्ट में करीब 40 लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी वहीँ एक्सटेंशन पार्ट में 30 से 35 लोगों बैठ सकेंगे. सरोज सिन्हा कहते हैं कि पुराने सामान से तैयार की गयी इस कैंटीन को शुरू करने में खर्च भी अपेक्षाकृत कम हुआ है. फर्नीचर की लागत में काफी कमी आयी है. हालांकि निर्माण कार्य आदि लेकर कैंटीन शुरू करने में करीब 45 लाख की लागत आयी है.

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