BSSC का पोलिटिकल कनेक्शन….

IMG-20170209-WA0098

पटना : बिहार एसएससी परीक्षा पेपर लीक मामले में गुरुवार को पटना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मामले की जांच कर रही SIT ने परीक्षा लीक पेपर के मामले में 6 आरोपियों को हिरासत में लिया है. इसमें पटना के राजीव नगर इलाके में स्थित AVN स्कूल के निदेशक और बिहार सरकार के साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में क्लर्क के पद पर तैनात रामाशीष सिंह की भूमिका मुख्य रही है. इस पूरे मामले को लेकर चलाये जा रहे रैकेट में रामाशीष ही संरक्षण देने की बात करता था.रामाशीष के स्कूल से ही होता था पूरा खेल
पटना एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि रामाशीष के स्कूल से ही पेपर लीक होकर परीक्षार्थियों के मोबाइल तक पहुंचता था. उसके सकूल में 5 तारीख को एसएससी परीक्षा का सेंटर था. सेंटर पर इस गिरोह का ही एक और सदस्य सुमेर राम नाम के व्यक्ति ने स्कूल के मैनेजर अटल को 50000 रुपये देकर परीक्षा पेपर की फोटो खिंची थी और फिर उसे परीक्षार्थियों के मोबाइल तक व्हाट्स अप के माध्यम से पहुंचाया गया था. मिली जानकारी के अनुसार रामाशीष सिंह के स्कूल में पहले भी कई विवाद सामने आ चुके हैं. उसके स्कूल की मान्यता भी रद्द करने की बात सामने आती रही है. फिर भी वह छात्रों के मोटे पैसे लेकर उनको CBSE बोर्ड से 10वीं का फॉर्म भरवाता रहा है. इस वजह से दो साल पहले कई छात्रों का रिजल्ट भी पेंडिंग रह गया था, जिसको लेकर स्कूल में खूब हंगामा भी हुआ था.
राजनीतिक संरक्षण की बात भी आ रही है सामने….
 
रामाशीष सिंह के पोलिक्टिकल कनेक्शन की बात भी किसी से छिपी नहीं है. पूरे प्रकरण में वही रैकेट को राजनीतिक संरक्षण दिलाने की बात करता रहा है. उसके स्कूल में हर बार एसएससी का सेंटर पर भी उसके राजनीतिक कनेक्शन के तहत ही आता था. रामशीष पर पहले भी विजिलेंस की जांच की आंच पड़ चुकी है. सूत्रों के अनुसार उनके बिहार के बड़े राज नेताओं से कनेक्शन हैं. उनके पास आय से ज़्यादा संपत्ति की बात कही जा रही है. इस बारे में एसएसपी मनु महाराज में बताया कि एक क्लर्क के पास इतना पैसा कहा से आया कि उसने अपना स्कुल खोल लिया उसके कई जगहों पर घर के बात भी सामने आ रही है। उसने आय से ज्यादा सम्पति अर्जित की है. उसका ट्रेवल एंड टूर का भी बिजनेस है. वह पहले भी कई मामलों में अपना राजनीतिक वर्चस्व लोगों को दिखाता रहा है|

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *