सचमुच बेतुका है आई पी एल का प्रारूप

कोलकाता नाईट राइडर्स और  सन राइजर्स हैदराबाद के बीच बेंगलुरु में खेले गए एलिमिनेटर के बाद एक बार फिर से आई पी एल क्रिकेट के प्रारूप पर बहस छिड़ गई है |ज्यादातर क्रिकेट के जानकारों और दिग्गज खिलाडियों को ऐसा लगने लगा है कि इसके मौजूदा प्रारूप में बदलाव की सख्त जरूरत है |इससे न सिर्फ टूर्नामेंट में खेल रही टीमों के साथ न्याय होगा बल्कि दर्शकों को भी राहत मिलेगी |भारत के पूर्व कप्तान और जाने – माने कमेंटेटर सुनील गावस्कर ,कोलकाता नाईट राइडर्स के सह मालिक फिल्म अभिनेता शाहरुख खान सहित उस मैच में खेलने वाले कई खिलाडियों ने इसके प्रारूप में बदलाव की बात उठाई है |बेंगलुरु में खेले गए एलिमिनेटर में बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो सका |आठ बजे से शुरू हुआ यह मैच रात में करीब दो बजे समाप्त हुआ , वो भी आधा -अधूरा |फैसला डकवर्थ लुईस पद्धति से हुआ जिसमे कोलकाता टीम सात विकेट से जीत गई |सन राइजर्स को महज १२८ के स्कोर पर रोकने के बावजूद बारिश के खलल ने कोलकाता टीम के लिए परेशानी कड़ी कर दी थी |खेल करीब तीन घंटे रुका हुआ था और एक समय लगने लगा था कि यह बारिश कोलकाता की उमीदों पर पानी फेर कर ही मानेगी |भला हो चिन्नास्वामी स्टेडियम के ड्रेनेज सिस्टम का जिसने मैदान को खलने लायक बना दिया और कोलकाता को छह ओवर में ४८ रन बना कर मैच जीतने का मौका मिल गया |अगर ऐसा नहीं होता तो कोलकाता टीम शानदार खेल दिखाने के बावजूद टूर्नामेंट से बहार हो गई होती |इसका मुख्य कारण यह है कि मौजूदा प्रारूप में एलिमिनेटर के लिए कोई रिजर्व डे नहीं रखा गया है |सिर्फ फाइनल के लिए रिजर्व डे रखा गया है |यानी ,अगर किसी वजह से २१  मई को मैच न हो सका तो वह २२ को खेला जाएगा |एलिमिनेटर में जीतने वाली कोलकाता टीम के ‘ मैन ऑफ द मैच’ नाथन कल्टर नील ने भी इसे बेतुका बताते हुए कहा कि ,आप रात के दो बजे क्रिकेट नहीं खेल सकते |

सुनील गावस्कर ने कहा कि ,इससे न सिर्फ खेलने वाली टीमों बल्कि दर्शकों को भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा |रात के दो बजे कोई घर कैसे लौटेगा |उस वक़्त अधिकांश लोगों को कोई सवारी नहीं मिलेगी |खिलाडियों के लिए भी यह बहुत कठिन है अतः प्रारूप को बदलना उचित होगा |क्वालीफायर्स और एलिमिनेटर के लिए रिजर्व डे जरूरी है |बीच में अगर जरूरी हो तो एक की जगह दो और दो की जगह तीन मैच कराकर रिजर्व डे की व्यवस्था बड़े आराम से की जा सकती है |इसके अलावा अगर किसी मैच में किसी वजह से बाधा आती है या मौसम बिगड़ जाता है तो उस मैच को अगले दिन कराने की व्यवस्था जरूरी है |इससे टीमों ,खिलाडियों और दर्शकों सभी के साथ न्याय होगा |वैसे भी यह टूर्नामेंट ४५ दिनों तक चलता है अतः ऐसा समायोजन आसानी से किया जा सकता है |

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