कोहली हो गए हैं विराट

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विराट कोहली का डंका इन दिनों पूरी दुनिया में बज रहा रहा है | उसका ठोस कारण भी है | जिस तरह से वह अपनी टीम के प्रेरणाश्रोत बन गए हैं वह निश्चित ही काबिले तारीफ़ है | २०१४ के शुरूआती महीनो और दौरों पर वह एक बल्लेबाज के रूप में लगातार फेल हो रहे थे लेकिन उसी वर्ष के अंत में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर चार टेस्ट मैचों में चार शतक ठोंक कर कोहली ने बता दिया की वो क्या चीज हैं | २०१४ के बाद से कप्तानी और बल्लेबाज़ी दोनों ही में वो बेमिसाल रहे हैं | विश्व क्रिकेट में कई बार ऐसा  देखने को मिला है कि कप्तानी का  दायित्व मिलते ही सचिन तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज भी एक अनचाहे दवाव का शिकार हो गए | आज दुनिया के कई पूर्व  कप्तान और दिग्गज क्रिकेटर विराट को महानतम बल्लेबाजों की श्रेणी में गिनने लगे हैं और वह भी बिना किसी हिचक के | विराट ने सभी को मजबूर कर दिया है कि उन्हें  असाधारण समझा जाये | भारत के पूर्व कप्तानो ने जो नीव रखी है कोहली उस पर एक बेहद मजबूत इमारत खड़ी करते जा रहे हैं |

सौरभ गांगुली ने भारतीय टीम में लड़ने का जज्बा पैदा किया तो महेंद्र सिंह धोनी ने जीतने की ललक | विराट ने इन दोनों से काफी प्रेरणा भी ली है और सीखा भी | आज वो तीनो प्रारूपों में भारत के कप्तान हैं | अपनी कप्तानी में लगातार जीतना उनकी आदत बनती जा रही है | अभी इसी दौरे की टेस्ट सीरीज में उन्होंने अपनी बेमिसाल बल्लेबाज़ी और टीम के बेजोड़ प्रदर्शन के बल पर इंग्लैंड  को जिस तरह धोया है वह एक इतिहास है | इंग्लैंड  के विरुद्ध भारत को ऐसी सफलता कभी नही मिली थी | आज उनकी बैटिंग में आक्रामकता के साथ जो तकनीक और समझदारी देखने को मिल रही है वह बेमिसाल है |

पुणे में इंग्लैंड  के खिलाफ वन डे में ३५१ रनों के विजय लक्ष्य का पीछा जिस आक्रामक ढंग से भारत ने किया वह लाजवाब था | ६३ रन के स्कोर पर चार विकेट गंवा देने के बाद कोहली ने जिस ढंग के चौके – छ्क्के लगाये और जैसी पारी खेली उसने उन्हें  महान कैरेबियाई बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स  की श्रेणी में ला खड़ा किया | अद्भुत थी यह पारी | उनसे प्रेरित होकर दूसरी छोर पर केदार जाधव ने भी कोई कसर नहीं रखी अंग्रेज गेंदबाजों की धुनाई में | उन्होंने भी शानदार शतक बनाया |विराट ने भारतीय क्रिकेट को एक नया चेहरा देकर विश्व क्रिकेट के सारे समीकरण बदल दिए हैं | टीम की फिटनेस पर उनका खास तवज्जो रहता है | उनकी खुद की फिटनेस तो दुनिया के सभी क्रिकेटरों को प्रेरणा दे रही है | उनकी कप्तानी में भी परिपक्वता आ रही है | अब वो जोशीले भी हैं और समझदार भी | भारतीय क्रिकेट को उनसे भविष्य में ढेरों उम्मीदें हैं जिस पर वो निश्चित ही खरे उतरेंगे | कम से कम आज के उनके खेल , उनकी बैटिंग और उनकी नेतृत्व क्षमता को देखकर ऐसा कहना या उम्मीद लगाना गलत नहीं होगा |

 

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